भारत के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था-हिंदी में

नमस्कार दोस्तो ,

इस पोस्ट में हम आपको भारत के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था-हिंदी में के बारे में जानकारी देंगे, क्युकी इस टॉपिक से लगभग एक या दो प्रश्न जरूर पूछे जाते है तो आप इसे जरूर पड़े अगर आपको इसकी पीडीऍफ़ चाहिये तो कमेंट के माध्यम से जरुर बताये| आप हमारी बेबसाइट को रेगुलर बिजिट करते रहिये, ताकि आपको हमारी डेली की पोस्ट मिलती रहे और आपकी तैयारी पूरी हो सके|

भारत के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था


राष्ट्रीय कैडेट कोर एनसीसी

  1. इसकी स्थापना 1948 में की गयी थी।
  2. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यह स्वैच्छिक आधार पर स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए खुला है।
  3. राष्ट्रीय कैडेट कोर अनुशासित और देशभक्त नागरिकों में देश के युवाओं को संवारने में लगे हुए सेना, नौसेना और वायु सेना, जिसमें एक त्रिकोणीय सेवा संगठन है।
  4. भारत में राष्ट्रीय कैडेट कोर उच्च विद्यालयों, महाविद्यालयों और पूरे भारत में विश्वविद्यालयों से कैडेटों रंगरूटों जो एक स्वैच्छिक संगठन है।
  5. कैडेटों को छोटे हथियारों और परेड में बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है।
  6. अधिकारियों और कैडेटों को सैन्य सेवा के लिए कोई दायित्व नहीं है लेकिन कोर में उपलब्धियों के आधार पर चयन के दौरान सामान्य उम्मीदवारों पर वरीयता दी जाती है।

केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल सीआरपीएफ

  1. केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल की स्थापना 27 जुलाई 1939 की गयी थी।
  2. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  3. यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तहत काम करता है।
  4. CRPF की प्राथमिक भूमिका पुलिस कार्रवाई में राज्य / संघ शासित प्रदेशों की सहायता, कानून-व्यवस्था और आतंकवाद विरोध में निहित है।
  5. भारतीय स्वतंत्रता के बाद यह 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल बन गया।
  6. 230 बटालियनों और विभिन्न अन्य प्रतिष्ठानों के साथ, सीआरपीएफ भारत का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल माना जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड एनएस जी

  1. यह भारत की एक विशेष प्रतिक्रिया यूनिट है जिसका मुख्य रूप से आतंकवाद विरोधी गतिविधियों के लिए उपयोग किया गया है।
  2. इसकी स्थापना 1984 में की गयी थी।
  3. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  4. एनएसजी गृह मंत्रालय के निरीक्षण में काम करती है और इसका नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा का महानिदेशक करता है।
  5. महानिदेशक हमेशा एक आईपीएस अधिकारी होता है जबकि इसमें भर्ती भारत की केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल और भारतीय सशस्त्र बलों से की जाती है।

असम राइफल्स एआर

  1. असम राइफल्स का गठन 1835 में कछार लेवी के नाम से किया गया था।
  2. इसका मुख्यालय शिलांग में स्थित है।
  3. यह देश का सबसे पुराना पुलिस बल है।
  4. इसमें 46 बटालियन हैं।
  5. इस पर पूर्वोत्तर क्षेत्र की आंतरिक सुरक्षा और भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा का दोहरा उत्तरदायित्व है।
  6. पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोंगों को राष्ट्रीय मुख्यधारा में लाने में असम राइफल्स की भूमिका सराहनीय रही है।
  7. इस बल को प्यार से ‘पूर्वोत्तर का प्रहरी’ और ‘पर्वतीय लोगों का मित्र’ कहा जाता है।

भारतीय तटरक्षक

  1. भारतीय समुद्र की सुरक्षा करने के उद्देश्य से 18 अगस्‍त 1978 को संघ के एक स्‍वतंत्र सशस्‍त्र बल के रूप में संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम,1978 के अंतर्गत इसकी स्थापना की गई।
  2. भारत में तटरक्षक का आविर्भाव, समुद्र में भारत के राष्‍ट्रीय क्षेत्राधिकार के भीतर राष्‍ट्रीय विधियों को लागू करने तथा जीवन और संपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया था।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल सी आई एस एफ

  1. सीआईएसएफ देश के विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों की भी सुरक्षा करता है।
  2. इसकी स्थापना 10 मार्च 1969 में की गयी थी।
  3. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थति है।
  4. आज इसकी संख्या लगभग 1.50 लाख है।
  5. ये सरकारी उपक्रमों की सुरक्षा के आलावा देश के आंतरिक सुरक्षा,विशिष्ट लोगों की सुरक्षा, मेट्रो, परमाणु संस्थान, ऐतिहासिक धरोहरों आदि की भी सुरक्षा करता है।
  6. दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा सीआईएसएफ द्वारा संभाली जाती है।

भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस आई टी बी पी

  1. भारत-चीन संघर्ष के उपरांत देश की उत्तरी सीमाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए 24 अक्टूबर 1962 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपीएफ) की स्थापना की गयी थी।
  2. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थति है।
  3. आईटीबीपी की शुरुआत केवल चार पलटनों के एक छोटे से दल के रूप में हुई जो अब 45 सेवा पलटनों और चार विशेषीकृत पलटनों का वृहत रूप ले चुका है।
  4. आईटीबीपी का मुख्य कार्य भारत-तिब्बत सीमा की सुरक्षा और रखवाली करना, सीमा की जनता को सुरक्षा की भावना प्रदान करना, महत्वपूर्ण व्यक्तियों की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों का निर्वहन और आपदा प्रबंधन आदि करना है।

प्रादेशिक सेना प्रादेशिक सेना

  1. इसकी स्थापना 1949 में की गयी थी।
  2. भारतीय सेना की एक ईकाई तथा सेवा है।
  3. इसके स्वयंसेवकों को प्रतिवर्ष कुछ दिनों का सैनिक प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि आवशयकता पड़ने पर देश की रक्षा के लिये उनकी सेवायें ली जा सकें।
  4. इसका उद्देश्य संकटकाल में आंतरिक सुरक्षा का दायित्व लेना और आवश्यकता पड़ने पर नियमित सेना को यूनिट (दल) प्रदान करना तथा इस प्रकार नवयुवकों को देशसेवा का अवसर प्रदान करना है।
  5. सामान्य श्रमिक से लेकर सुयोग्य प्राविधिज्ञ तक भारत के सभी नागरिक, जो शरीर से समर्थ हों, इसमें भर्ती हो सकते हैं।

सीमा सुरक्षा बल बीएसएफ

  1. भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल है एवँ विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है।
  2. इसकी स्थापना 1 दिसम्बर 1965 में की गयी थी।
  3. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थति है।
  4. इसकी जिम्मेदारी शांति के समय के दौरान भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है।
  5. इस समय बीएसएफ की 188 बटालियन है और यह 6,385.36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है

कैसी लगी आपको भारत के प्रमुख आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था-हिंदी में के बारे में यह पोस्ट हमें कमेन्ट के माध्यम से अवश्य बताये और आपको किस विषय की नोट्स चाहिए या किसी अन्य प्रकार की दिक्कत जिससे आपकी तैयारी पूर्ण न हो पा रही हो हमे बताये हम जल्द से जल्द वो आपके लिए लेकर आयेगे| आपके कमेंट हमारे लिए महत्वपूर्ण है |

SarkariJobGuide.com का निर्माण केवल छात्र को शिक्षा (Educational) क्षेत्र से सम्बन्धित जानकारी उपलब्ध करने के लिए किया गया है, तथा इस पर उपलब्ध पुस्तक/Notes/PDF Material/Books का मालिक SarkariJobGuide.com नहीं है, न ही बनाया और न ही स्कैन किया है। हम सिर्फ Internet पर पहले से उपलब्ध Link और Material प्रदान करते हैं। यदि किसी भी तरह से यह कानून का उल्लंघन करता है या कोई समस्या है तो कृपया हमें Mail करें SarkariJobGuide@gmail.com पर

error: Content is protected !!