म्यूचुअल फंड क्या है और इसका क्या कार्य है-हिंदी में

इस पोस्ट में हम आपको म्यूचुअल फंड क्या है और इसका क्या कार्य है के बारे में जानकारी देंगे, क्युकी इस टॉपिक से लगभग एक या दो प्रश्न जरूर पूछे जाते है तो आप इसे जरूर पड़े अगर आपको इसकी पीडीऍफ़ चाहिये तो कमेंट के माध्यम से जरुर बताये| आप हमारी बेबसाइट को रेगुलर बिजिट करते रहिये, ताकि आपको हमारी डेली की पोस्ट मिलती रहे और आपकी तैयारी पूरी हो सके|

म्यूचुअल फंड क्या है और इसका क्या कार्य है


म्यूचुअल फंड का मतलब वैसे तो इसके नामे से ही पता चल रही है की यह एक तरह से इन्वेंस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट है जहा कई निवेशको का पैसा म्यूचुअल फंड लगा होता है जिसे म्यूचुअल फंड द्वारा एक फण्ड में डाल दिया जाता है। और लोगो द्वारा इकट्ठा किय गए पैसो को म्यूचुअल फंड शेयरों और बॉन्ड मार्केट में निवेश किया जाता है जब बहुत से निवेशक मिल कर एक फण्ड में निवेश करते हैं तो फण्ड को बराबर बराबर हिस्सों में बाँट दिया जाता है जिसे इकाई या यूनिट कहते हैं.

म्यूचुअल फंड में यदि आप निवेश करना चाहते तो आपके पास हजारो रूपये हो ये जरूरी नहीं है बल्कि आप सिर्फ 500 रूपये भी म्यूचुअल फंड में हर महीने निवेश कर सकते है इसके आपके पास डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है और जरूरी है कि आपका नाम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में दर्ज होना चाहिए. म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले किसी एक्सपर्ट या ब्रोकर्स की सहयता जुरूर ले.

म्यूचुअल फंड का सबसे प्रमुख बांड तथा शेयर मार्केट्स हैं इसके अलावा गोल्ड अथवा अन्य किसी माल (Commodities) में निवेश कर सकते है. फंड्स के कई प्रकार होते हैं जिन्हें उनके निवेश के अनुसार जाना जाता है. मुख्य हैं डेट, इक्विटी और बैलेंस्ड फण्ड. सबसे अधिक विविधिता इक्विटी फंड्स में पायी जाती है.

म्यूच्यूअल फण्ड को मुख्य पांच भागों में बांटा गया है 1. स्पोंसर जो म्यूच्यूअल फण्ड सेट करता है इसको कम से कम म्यूच्यूअल फण्ड 40 प्रतिशत निवेश करना होता है इसको कोई भी हानि का दायित्व नहीं होता. 2. 1882 में म्यूच्यूअल फण्ड को इंडियन ट्रस्ट एक्ट के अनुसार एक ट्रस्ट के रूप में स्थापित किया ट्रस्ट के दस्तावेज़ भारतीय पंजीकरण अधिनियम 1908 के अंतर्गत बनते हैं और ट्रस्ट पंजीकृत होता है. 3. ट्रस्टी जिसका मुख्य दायित्व यूनिट होल्डर के लाभ को सुरक्षित रखना होता है, 4. एसेट मैनेजमेंट कंपनी जिसका चुनाव ट्रस्टी द्वारा होता है. एएमसी को एसईबीआई द्वारा अनुमोदित होना चाहिए. 4. संरक्षक कोई ट्रस्ट कंपनी, बैंक अथवा इसी तरह के आर्थिक संस्थान, जो एसईबीआई से अनुमोदित हो, म्यूच्यूअल फण्ड के निवेशकों के निवेश को सुरक्षा प्रदान करते है. 5. रजिस्ट्रार और ट्रान्सफर एजेंट का चयन एएमसी द्वारा होता है. रजिस्ट्रार सभी आवेदन पत्रों का नियमन करता है, वहीँ ट्रान्सफर एजेंट निवेशकों से बात करता है और उनके रिकार्ड्स को समय दर समय अपडेट करता रहता है.

म्यूच्यूअल फण्ड मुक्य तीन प्रकार के होते है

ओपन एंडेड स्कीम्स, क्लोज्ड एंडेड स्कीम, इंटरवल स्कीम

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के के फायदे

हर कोई व्यक्ति अपना पैसा Mutual Funds में निवेश करने से पहले यह जरूर सोचता है की कही उसका पैसा डूब तो नहीं जायगा या कोई बड़ा घटा तो नहीं होगा लेकिन ऐसा नहीं है क्युकी आपके द्वारा निवेश किया गया आपका पैसा म्यूच्यूअल फंड्स एक्सपर्ट द्वारा उनके अनुभव के साथ मैनेज किआ जाता है आपका पैसा लगाने से पहले ये पूरी अच्छी तरह से रिसर्च व् जानकारी करते है की किस फण्ड में आपका पैसा निवेश करना चाहिए निवेशको को इसमें अधुकतम सुरक्षा मिलती है आप बहुत ही आसन तरीके से Mutual Funds में निवेश कर सकते हो और उतनी ही आसानी से अपना पैसा निकाल भी सकते हो इसमें ऑनलाइन व् ऑफलाइन दोनों तरीको से आप फंड्स खरीद और बेच सकते है यदि आप किसी बड़ी कम्पनी में आपका पैसा निवेश करना चाहते तो और आपके पास उतना बजट नहीं है जबकि म्यूच्यूअल फण्ड में कई लोगो का पैसा एक साथ इकठ्ठा होता है तो आपके पैसे से बढ़ी कम्पनी में पैसा निवेश किआ जाता है जहा आपका पैसा भरी फायदा पता है म्यूच्यूअल फण्ड सिर्फ बड़े नहीं छोटे व् कम बजट वाले निवेशकों का पैसा बड़ी कंपनियो में निवेश करता है. Mutual Funds में निवेश करने पर आपको टैक्स पर भी छुट मिलती है.

म्यूचुअल फंड का इतिहास

भारत का पहला म्यूचुअल फंड 1963 में यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया के रूप में आया. इसका मुख्य उद्देश्य था छोटे निवेशकों को आकर्षित करना और उन्हें निवेश तथा बाजार से सम्बंधित विषयों से अवगत कराना. 1992 में सेबी ने एक विधेयक पास किया जिसके तहत बाजार में निवेशकों के पैसे को सुरक्षा प्रदान किया जाए तथा सिक्योरिटी बाजार को नियंत्रित किया जाए. जहां तक म्यूचुअल फंड का संबंध है सेबी ने 1993 में म्यूचुअल फंड को लेकर नियमन अधिसूचित किया. उसके बाद से ही निजी क्षेत्र की कंपनियों को म्यूचुअल फंड में प्रवेश करने की इजाजत दे दी गई. सेबी समय-समय पर निवेशकों के पैसे को संरक्षित करने के लिए नियम बनाती है तथा कई तरह के दिशा-निर्देश जारी करती है.

म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले एक चेतावनी 

यदि इस पोस्ट को पढने के बाद आपका मन भी Mutual Funds में निवेश करने का हो रहा है तो पहले किसी अनुभवी एक्सपर्ट की सहायता ले और सभी दस्तावेज और फंड्स से जुडी सारी जानकारी को ध्यान से पड़े किसी भी नुकसान के आप खुद/ स्वयं ज़िम्मेदार होंगे.

कैसी लगी आपको म्यूचुअल फंड क्या है और इसका क्या कार्य है-हिंदी में के बारे में यह पोस्ट हमें कमेन्ट के माध्यम से अवश्य बताये और आपको किस विषय की नोट्स चाहिए या किसी अन्य प्रकार की दिक्कत जिससे आपकी तैयारी पूर्ण न हो पा रही हो हमे बताये हम जल्द से जल्द वो आपके लिए लेकर आयेगे| आपके कमेंट हमारे लिए महत्वपूर्ण है |

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