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Union Budget 2019 PDF (केन्द्रीय बजट 2019) पूरी जानकारी हिन्दी में|

Union Budget 2019

सबसे पहला प्रश्न जो किसी भी छात्र के मन में आता है वो है, की ये बजट (Budget) होता क्या है? तो आज की पोस्ट आम बजट 2019, Union Budget 2019 In Hindi विषय से सम्बन्धित है? इस पोस्ट में हम 7 निम्नलिखित टॉपिक को पढेगे| तो आईये शुरू करते है

  • बजट की परिभाषा
  • संविधान के अनुसार बजट
  • बजट का उद्देश्य
  • बजट के प्रकार
  • बजट कैसे बनाया जाता है?
  • बजट के सम्बन्ध मे महत्वपूर्ण बाते
  • बजट की परिभाषा
Union Budget 2019-20

Union Budget 2019 PDF- हमने इस विषय का PDF भी इसी पोस्ट में जोड़ा है, जिसे आप बिना किसी शुल्क दिए फ्री में Download कर सकते है| और अपने लैपटॉप मोबाइल कंप्यूटर या फिर किसी भी डीवाइस पर आप पढ़ सकते है|

How to Download Union Budget 2019 PDF- इस पोस्ट के अंत में आपको एक Download लिंक दिया गया है, जिस पर मात्र एक Click करके आप इस केन्द्रीय बजट 2019 PDF प्राप्त कर सकते है|

Union Budget 2019 (केन्द्रीय बजट 2019)-बजट एक ऐसा शब्द है जोकि, आम जिंदगी मे बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कोई भी समझदार व्यक्ति अपने हर छोटे बड़े काम या कोई भी खर्चे या निवेश का बजट बना कर ही करता है. ठीक उसी तरह सरकार भी अपने मुख्य कार्य, आय-व्यय का लेखा-जोखा बजट से ही करती है. तथा हर वर्ष सरकार जनता के सामने अपना बजट प्रस्तुत करती है. बजट सरकार व प्रत्येक व्यक्ति की जिन्दगी का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है.

अगर एक लाइन में कहे तो बजट का अर्थ है- धन (राजस्व) के आय और उसके व्यय की सूची को बनाना बजट कहलाता है|बजट शब्द की उत्पप्ति फ्रांसीसी भाषा के शब्द bougette से हुयी है

भारत के संविधान (Constitution of India) में बजट का उल्लेख-

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में भारत के केंद्रीय बजट को वार्षिक वित्तीय विवरण के रूप में निर्दिष्ट किया गया, आजाद भारत का सबसे पहला केन्द्रीय बजट छब्बीस नवम्बर, उन्नीस सौ सैतालिस (26/11/1947) को आर.के.शंमुखम के द्वारा संसद मे प्रस्तुत किया गया था.

बजट को मुख्य रूप से दो मदों को लिखा जाता है –

  1. भारत सरकार की संचित निधि पर लगे व्यय.
  2. सरकार की संचित निधि के लिये किये जाने वाले अन्य व्ययों की भरपाई के लिये अपेक्षित राशि.
  3. इसके आलावा अन्य तथा राजस्व व्ययों का विवरण बजट मे देना होता है.

इसे आप नीचे दिए गए पिक्चर के माध्यम से ज्यादा आसानी से समझ सकते है|

Union Budget 2019-20

बजट निर्माण के उद्देश्य (Aim of Budget in hindi)-प्रत्येक वर्ष के लिये सरकार पूर्व मे ही योजना बना लेती है. जिसमे सरकार की आय के स्त्रोत जैसे- भिन्न-भिन्न करो की वसूली या टैक्स, राजस्व से आय, सरकारी फीस-जुर्मना, लाभांश, दिये गये ऋण पर ब्याज आदि सभी आय और इन आय को वापस जनता के लिये लगाना बजट का मुख्य उद्देश्य होता है

बजट निर्माण के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित है-

  • आर्थिक विकास की दर मे वृद्धि करना.
  • गरीबी व बेरोजगारी को दूर करना.
  • असमानताओ को दूर कर आय का सही योजनाओं मे उपयोग करना.
  • बाजार मे मूल्य व आर्थिक स्थिरता बनाये रखना.
  • अन्य सभी क्षेत्रों रेल, बिजली, वित्त, अनाज, खाद्यपदार्थ, बैंकों के लिये भी फण्ड रखना.

बजट कितने प्रकार के होते है?

यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न सभी एकदिवसीय परीक्षा के मद्देनजर तो आईये जानते है कितने प्रकार का बजट होता है?

मुख्यतः 5 प्रकार के बजट होते है? जो निम्नलिखित है-

पारम्परिक अथवा आम बजट – “पारम्परिक बजट” को आज का आम बजट कहा जाता है. इस बजट  का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चो पर नियन्त्रण करना तथा विकास कार्यों को अंजाम देना होता है न की तीव्र गति से विकास. पिछले कुछ वर्षो से निष्पादन बजट की आवश्यकता तथा महत्ता को स्वीकार किया गया है तथा इसे परम्परागत बजट के पूरक के रूप में प्रस्तुत किया जाता रहा है.

निष्पादन बजट – निष्पादन बजट को उपलब्धि बजट या कार्यपूर्ति बजट भी कहा जाता है अतः कार्य के परिणामों या निष्पादन को आधार बनाकर निर्मित होने वाले बजट को निष्पादन बजट कहा जाता है. इसमें उपलब्धि के साधनों स बल हटाकर स्वयं उपलब्धियों पर बल दिया जाता है. इनका मुख्य केंद्र बिंदु वे उद्देश्य है जिनको सरकार पूरा करना चाहती है इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों के लागत को प्रत्येक कार्यक्रम के अधीन संख्यात्मक आकडे जो कार्यक्रम कार्यन्वयन और उपलब्धियों का मापन करते है या निर्धारित किए जाते है वहाँ निष्पादन बजट कहा जाता है.

जिरोबेस बजट – जिरोबेस बजट से आशय यह है की जब आय कम हो और व्यय अधिक हो जाये तो इस स्थिति में व्ययों पर कटौती करके घाटों पर अंकुश लगाना होता है. जिरोबेस बजट प्रणाली व्यय पर अंकुश लगाने की एक तार्किक प्रणाली है.

जिरोबेस बजट – जिरोबेस बजट को अपनाए जाने के दो मुख्य करण है.

  1. अनेक देशों के बजट में निरंतर पाया जाने वाला घाटा
  2. निष्पादन बजट प्रणाली के क्रियान्वयन का अनुभाव

आउटकम बजट – यह एक वित्तीय वर्ष के लिए किसी मंत्रालय अथवा विभाग को आवंटित किए गए बजट में अनुक्षवण तथा मुल्यांकन किए जा सकने वाले भौतिक लक्ष्यों का निर्धारण इस उद्देश्य से किया जाता है ताकि बजट के क्रियान्वयन की गुणवत्ता को परखा जाना सम्भव हो सके भारत में आउटकम बजट पहली बार 2005- 2006 के संपादन हेतु किसी भी स्तर पर देर करने या रुकावट पैदा करने के स्थान पर निर्धारित धनराशि को सही समय और सही मात्रा में, सही गुणवत्ता में पहुचाने को सुनिश्चित करना होता है ताकि धनराशि का उपयुक्तता उपयोग हो सके.

जेंडर बजट – सरकार द्वारा निर्मित ऐसा बजट जो की संसाधनो एवं कार्यों (योजनाओं) का आबंटन लिंग के आधार पर करता है वह बजट जेंडर वजट कहलाता है. भारत में महिला अधिकारिता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बजट के योगदान को स्वीकार करते हुए जेंडर बजटिंग की शुरुआत की गयी है.

बजट को पेश करने के लिए प्रमुख दस्तावेज़ कौन कौन से होते है?-भारतीय बजट में मुख्य रूप से 7 दस्तावेज़ शामिल होते है जो निम्नलिखित है-

  1. वित्तमंत्री का भाषण
  2. वार्षिक वित्तीय कथन
  3. बजट का सार
  4. वित्त विधेयक
  5. बजट प्राप्तियाँ
  6. बजट व्यय
  7. अनुदान की माँग

Union Budget 2019 (केन्द्रीय बजट 2019) मुख्य बातें-

पिछले 5 सालों में मोबाइल डाटा 5 गुना बढ़ा।

– मेक इन इंडिया से देश में मोबाइल कंपनियों की संख्या बढ़ी।

– अगले 5 सालों में 1 लाख डिजिटल गांव बनाएंगे।

– समुद्री तट वाले क्षेत्रों में सबरीमाला प्रोजेक्ट।

– 5 साल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में 10 गुना बढ़ोतरी।

– पूर्वोत्तर राज्यों में रेलवे नेटवर्क का विस्तार।

देश में रोज 27 किलोमीटर हाईवे का निर्माण।

– हाईवे का निर्माण सबसे तेजी से भारत में हुआ।

– रेलवे का घाटा कम करने पर काम किया।

– ब्रॉडगेज पर सभी मानव रहित क्रॉसिंग खत्म की गई।

– आम नागरिक भी अब हवाई जहाज में सफर कर रहे हैं।

– एविएशन क्षेत्र में युवाओं के लिए नौकरी के अवसर बढ़े।

– हमारे सैनिक कठिन हाला‍तों में देश की रक्षा करते हैं।

हमने रक्षा बजट बढ़ाकर 3 लाख करोड़ रुपए किया।

– वन रैंक वन पेंशन पर हमने 35 हजार करोड़ रुपए दिए।

कम तनख्वाह वालों को गारंटिड पेंशन स्कीम का ऐलान।

– कर्मचारी की मृत्यु पर ईपीएफ 2 लाख से बढ़कर 6 लाख।

– कौशल विकास योजना से 1 करोड़ युवाओ का फायदा।

– गर्भवती महिलाओं के लिए पीएम मातृ योजना।

– उज्जवला गैसकनेकशन योजना में 8 करोड़ लोगों को कनेक्शन

60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपए प्रतिमाह तक की पेंशन।
– 21 हजार रुपए तक के वेतन वालों को मिलेगा बोनस
– वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द लागू किया जाए।

ग्रेज्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख।

– श्रमिकों का बोनस बढ़ाकर 7 हजार रुपए किया।

– श्रमिकों की मौत पर मुआवजा बढ़कर 6 लाख रुपए किया।

– पीएम श्रम योगी मानधन योजना को मंजूरी।

– 15 हजार रुपए तक की आय वालों को होगा फायदा।

कामधेनु योजना के लिए 750 करोड़ रुपए खर्च का प्रावधान।

– प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किस्तों में मिलेगा पैसा।

– 1 दिसंबर 2018 से लागू होगी योजना, 12 करोड़ किसानों को होगा फायदा

– गायों को लेकर बजट में बड़ा ऐलान।

– राष्‍ट्रीय कामधेनु योजना शुरू करेगी सरकार।

– गौ माता के लिए सरकार पीछे नहीं रहेगी।

– पीएम किसान सम्मान निधि की घोषणा।

– हर किसान के खाते में सीधे 6 हजार रुपए जाएंगे।-

2 हेक्टेयर वाले किसानों को 6 हजार प्रति वर्ष इनकम सपोर्ट देने का मोदी सरकार ने ऐलान किया, जो यह उनके अकाउंट में सीधे जमा हो जाएगा. यह तीन बार में जाएगा. इसे पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा फंड किया जाएगा. इसेस 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ होगा. यह प्रोग्राम 1 दिसंबर 2018 से लागू किया जाएगा. पहली किश्त की सूची बनाकर उनके खातों में भेज दी जाएगी. इस कार्यक्रम का खर्चा 75 हजार करोड़ रुपये सरकार भरेगी. पीएम किसान सम्मान योजना के तहत यह होगा. 

– 22 फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाया।

– किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम किया।

– जन औषधि केंद्र पर सस्ती दवाइयां।

– हर जिले तक सरकारी योजनाएं पहुंच रही है।

– 2019-20 में मनरेगा के लिए 7 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा

– अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.4 प्रतिशत रहेगा

– पांच लाख 45 हजार गांव खुले में शौच से मुक्त हुए। 98 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र हुए स्वच्छ।

– टैक्स सुधार के लिए हमने आमूलचूल परिवर्तन किए।

– ग्रामीण सड़क योजना के लिए 19 हजार करोड़।

– कॉलेजों में 25 फीसदी सीटें बढ़ेगी।

– शैक्षणिक संस्थानों में सरकार ने सीटें बढ़ाई।

– सरकार ने गरीबों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की।

– जन भागीदारी से स्वच्छता आंदोलन बना।

– इस अभियान को लोगों ने दिल से अपनाया।

– स्वच्छता भारत अभियान के लिए देशवासियों का शुक्रिया।

– रेरा से रियल इस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता आई।

– हमारी सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर मजबूत इच्छाशक्ति दिखाई।

– बैंकिंग व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने अभियान छेड़ा।

– बड़े कारोबारियों को अब लोन चुकाने की चिंता होती है।

– हमने एनपीए पर रिजर्व बैंक को स्थिति बताने को कहा।

– हमने एनपीए को कम करने की कोशिश की।

 राष्‍ट्रनिमार्ण के लिए हम करदाताओं का शुक्रिया अदा करते हैं।

– आपके टैक्स से गरीबों को बिजली कनेक्शन मिल रहे हैं।

– आपके टैक्स का विकास होता है।

– 2022 तक पूर्ण स्वदेशी उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।

– 5 साल में भारत उपग्रह प्रक्षेपण का बड़ा केंद्र बना।

– 10 फीसदी से महंगाई 4 प्रतिशत पर लाए।

– वित्त वर्ष 2019-20 में वित्तिय घाटा जीडीपी का 3 प्रतिशत रहने का अनुमान

इस साल जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ के पार।

– घर खरीदने वालों पर भी जीएसटी का बोझ कम करने की कोशिश।

– ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स टैक्स कम करने का प्रयास कर रहा है।
– जीएसटी अब तक का सबसे क्रांतिकारी कदम।

– नई कंपनियों को 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स देना होगा।

– मुद्रा योजना के तरह 15.56 करोड़ के ऋण

– 12 लाख करोड़ रुपए टैक्स जमा हुआ।

– टैक्स भरने वालों की संख्या 80 फीसदी तक बढ़ी।

– मैं इमानदार करदाताओं को धन्यवाद देता हूं।

मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ कम करना प्राथमिकता।

– 24 घंटे आईटी रिटर्न की प्रोसेसिंग।

– टैक्स मूल्यांकन के लिए दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा।

– 94.54 फीसदी रिटर्न मंजूर हुए।

– टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

– 41666 रुपए प्रतिमाह कमाने वालों को राहत, उससे ज्यादा की कमाई वालों को केवल स्टेंडर्ड डिडशन का ही फायदा मिलेगा।
व्यक्तिगत करदाताओं को दूसरा तोहफा देते हुए वित्त मंत्री ने स्टैंडर्ड टैक्स सीमा बढ़ाकर 50000 रुपये करने की घोषणा की।

एफडी के ब्याज पर 40,000 रुपये तक टैक्स नहीं।

5 लाख तक की आय पर पहले 13 हजार रुपए लगते थे। अब नहीं लगेगा कोई टैक्स।

– टैक्स में छूट के बाद संसद में लगे मोदी मोदी के नारे।

– बिल्डर को बिना बिके घर पर 2 साल तक नहीं लगेगा टैक्स

– महिलाओं को बैक में 40 हजार तक के ब्याज पर नहीं लगेगा टैक्स

– डेढ़ लाख तक के निवेश कर कोई टैक्स नहीं।

– टैक्स में छूट से मध्यम वर्ग के 3 करोड़ लोगों को फायदा।

– टैक्स सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए की।

5 लाख तक की आय वालों को पूरी छूट- 5 लाख रुपए तक की आमदनी रखने वाले इंडिविजुअल टैक्स पेयर्स का पूरा टैक्स फ्री होगा। डेढ़ लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट करने पर साढ़े छह लाख रुपए तक आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।2 हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसान को हर साल 6000 रुपए

Union Budget 2019

किसानों की आय दोगुनी करने के लिए एमसपी बढ़ाया

किसानों की उन्नति और आय वृद्धि: पहले किसानों के फसल का पूरा मूल्य नहीं मिलता था. मगर हमने शभी 22 फसलों का एमएसपी लागत से पचास प्रतिशत अधिक निर्धारित किया है.  – पीयूष गोयल

देश में 21 एम्स हैं. 2014 से अब तक 14 एम्स: देश में पूरे 21 एम्स. मगर 22वां हरियाणा में बनने जा रहा है. यानी दो तिहाई हमने इस सरकार आने के बाद शुरू किया. आज मुझे खुशी है कि आज जो 22वां एम्स है, वह हरियाणा में लगने जा रहा है. हमने अच्छी सरकार होने का परिचय दिया है.: पीयूष गोयल

1 करोड़ 53 लाख घर हमने बनाए, जो पिछली सरकार से पांच गुना है. सौभाग्य योजना से हमने हर घर को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराया. हमने 143 करोड़ एलईडी बल्ब उपलब्ध कराए हैं. इससे बिजली बिल में सालाना 150 करोड़ रुपये की बचत हो जाएगी.- पीयूष गोयल

Union Budget 2019

तो ये थी हमारी बजट के बारे पूरी जनकारी वाली पोस्ट, आपकी क्या राय है इस Union Budget 2019, केन्द्रीय बजट 2019 के बारे हमें कमेन्ट के माध्यम से जरुर बताये|

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