Bank और बीमा से जुड़ी योजनाएं की पूरी जानकारी हिंदी में


Bank और Bima से जुड़ी योजनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त, 2014 को ‘प्रधानमन्त्री जन – धन योजना‘ (पिएमजेडीवाई) का शुभारम्भ किया. प्रधानमंत्री ने इस अवसर को ‘विषम चक्र से गरीबों की आजादी का पर्व करार दिया. देश में व्याप्त वित्तीय असमानता को समाप्त करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री जन-धन योजना‘ की शुरुआत की गई . इस योजना के तहत देश के सभी परिवारों को बैंक खाते से जोड़ना है. यह योजना अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा बैंकिंग अभियान है.

प्रधानमंत्री जन-धन योजना से सम्बंधित मुख्य तथ्य – Key facts related to the Prime Minister Jan-Dhan Yojana in Hindi

=> प्रत्येक परिवार में एक बैंक खाते के साथ उन्हें बैंकिंग तंत्र से जोड़ना.

=> हर खाते के साथ खाताधारक का एक लाख रुपए का दुर्घटना बिमा एवं ‘रुपे’ डेविट कार्ड’ की सुविधा.

=> 26 जनवरी , 2015 से पूर्व बैंक खाता खुलवाने वालों को एक लाख रुपए के दुर्घटना बिमा के साथ ही 30,000 का जीवन बिमा मुफ्त.

=> प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रिय राजधानी दिल्ली में इस योजना के शुभारम्भ के साथ-साथ पुरे देश में 20 मुख्यमंत्रियों ने एक साथ इस योजना की शुरुआत की.

=> कई केन्द्रीय मंत्रियों और सासदों ने भी अपने-अपने क्षेत्रो में इस योजना की शुरुआत की.

=> शुभारम्भ के दिन पुरे देश में 600 समारोह आयोजित किए गए और 77852 शिविर लगाए गए.

=> इस योजना में बिना इंटरनेट वाले मोबाईल से भी बैंकिंग सेवा की सुविधा.

=> छह महीने खता सञ्चालन के बाद 5,000 के ओवरड्राफ्ट की सुविधा.

=> इस योजना के तहत 26 जनवरी , 2015 तक 7.5 करोड़ बैंक खाते खोलने का लक्ष्य .

=> 28 अक्टूबर , 2015 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 19.02 करोड़ लोगों ने विभिन बांको (सार्वजनिक, क्षेत्रीय तथा निजी बैंक) में खाते खुलवाएं है.

=> 28 अक्टूबर , 2015 तक इन सभी खाओं में 25913.56 करोड़ रुपए जमा किए गए.


अटल पेंशन योजना 

अटल पेंशन योजना (APY) , का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई, 2015 को कोलकाता में आयोजित समारोह में किया. पेंशन के प्रावधान वाली अटल पेंशन योजना में शामिल होने वाली  उपभोक्ताओं को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर एक हजार रुपए से पांच हजार रुपए प्रति माह (एक-एक हजार के गुणक के रूप में) पेंशन उपलब्ध हो सकेगी. इसके लिए वांछित प्रीमियम का भुगतान उपभोक्ता को करना होगा. प्रीमियम की राशी योजना में शामिल होने के समय उपभोक्ता की आयु पर निर्भर करगी. इस योजना में शामिल होने के लिए उपभोक्ता द्वारा किए जाने वाले अंशदान में 50 प्रतिशत भाग (अधिकतम एक हजार रुपए प्रति वर्ष) का योगदान पांच वर्षो तक (2015-16 से 2019-20 तक) सरकार द्वारा किया जाएगा. यह अंशदान 31 दिसंबर, 2015 से पूर्व योजना में शामिल होने वाले ऐसे ग्राहकों को ही दिया जाएगा. जो किसी अन्य वैधानिक पेंशन योजना के सदस्य नहीं होंगे. 18-40 वर्ष आयु वर्ग के लोग इस योजना में शामिल होने के पात्र होंगे.


प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई, 2015 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बिमा योजना (Pradhan Mantri Jeevan Jyoti Bima Yojana PMJJBY) की शुरुआत की. जीवन ज्योति बिमा योजना की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई. इस बिमा योजना के तहत 2 लाख रुपए का जीवन बिमा 18-50 वर्ष की आयु वर्ग की इच्छुक को उपलब्ध कराया जाएगा. इसके लिए केवल 330 रुपए सालाना प्रीमियम का भुगतान उन्हें अपने बैंक खाते के माध्यम से करना होगा. योजना में शामिल होने के लिए ग्राहक / उपभोक्ता का बैंक खाता होना आवश्यक है. बैंक खाते से ऑटो डेबिट के जरिए ही प्रीमियम की अदायगी हो सकेगी. योजना का प्रशासन सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय जीवन बिमा निगम (LIC) द्वारा व् निजी क्षेत्र की इच्छुक बिमा कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा.


प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 मई, 2015 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana-PMSBY) की शुरुआत की, यह दुर्घटना बिमा योजना (एआईएस) है.

नई शुरू की गई प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा यौजना (PMSBY) एक साधारण बीमा योजना है. जिसके तहत दुर्घटना की स्थिति में मृत्यु या अपंगता के मामलों में क्षतिपूर्ति की जाएगी. दुर्घटना से मृत्यु या स्थायी अपंगता के मामलों में 2 लाख रुपए तथा आंशिक अपंगता के मामलों में 1 लाख की क्षतिपूर्ति इस योजना के तहत लाभार्थियों को उपलब्ध हो सकेगी. 18-70 वर्ष की आयु वर्ग के लोग इस योजना में शामिल हो सकेंगे. इसके लिए भी बैंक खाता होना अनिवार्य है जिससे ऑटो डेबिट के जारी इसका प्रीमियम अदा किया जा सकेगा. इस योजना में शामिल के इच्छुक लोगो को 12 रुपए प्रतिवर्ष का सालाना प्रीमियम प्रति वर्ष चुकाना होगा. इस योजना का प्रशासन सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बिमा निगम (General Insurance Corporation) द्वारा व् निजी क्षेत्र की इच्छुक कंपनियों के द्वारा किया जाएगा.

किसान विकास-पत्र योजना 

केंद्र सरकार ने घरेलु बचत को बढ़ावा देने के लिए 18 नवम्बर, 2014 को किसान विकास पत्र योजना (Kisan Vikas Patra – KVP) की फिर से शुरुआत की. प्रारंभ में किसान विकास पत्र डाकघरों से राष्ट्रीयकृत बांको की कुछ शाखाओं पर भी उपलब्ध करे जाएंगें . नए किसान विकास पत में धनराशी 8 वर्ष और चार माह में दोगुनी होगी . कोई भी व्यक्ति 1,000, 5,000, 10,000 और 50,000 रुपए के किसान विकास पत्र खरीद सकेगा.

किसान विकास पत्र बचत योजना वर्ष 1988 में शुरू की गई थी. हालांकि इस योजना को नवम्बर 2011 से स्थगित कर दिया गया था.

किसान विकास पत्र की विशेषताएं 

=> एक डाकघर से दुसरे में स्थानांतरित किया जा सकेगा.

=> इसे बैंक के पास गिरवीं रखकर ऋण भी लिया जा सकेगा.

=> केवीपी को अकेले या संयुक्त तौर पर ख़रीदा जा सकता है.

=> एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति की नाम ट्रांसफर करना भी संभव होगा.

=> दो वर्ष और छह महीने से पहले केवीपी की राशि नहीं निकाली जा सकेगी.

=> किसान विकास पत्र में निवेश की कोई सीमा नहीं होगी.


मुद्रा बैंक योजना 

असंगठित क्षेत्र के छोटे कारोबारियों के लिए वित्त एवं पुनर्वित की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुद्रा बैंक योजना का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में विज्ञान भवन में एक समारोह में 8 अप्रैल, 2015 को किया, योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपए की पुनर्वित राशि (Refinance Corpus) व् 3000 रुपए करोड़ की साख गारंटी राशि (Credit Guarantee Corpus) के साथ ‘मुद्रा’ (Mudra MIcro Units Development and Refinance Agency) की स्थापना एक कानून के जारी की जाएगी. यह संस्था छोटे कारोबारियों को सूक्ष्म वित्त (Micro Finance) उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं को पुनर्वित उपलब्ध कराने का कार्य करेगी. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 50 हजार रुपए तक की सीमा के ऋण शिशु योजना के तहत, इससे अधिक राशि के, किन्तु 5 लाख रुपए तक के ऋण किशोर योजना के तहत तथा 5 लाख से अधिक , किन्तु 10 लाख तक के ऋण तरुण योजना के तहत उपलब्ध करे जाएँगे. छोटे-मोटे कारोबार में लगे स्वरोजगार प्राप्त असंगठित क्षेत्र के लोग इससे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे. योजना का शुभारम्भ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनएसएसओ के 2013 के सर्वेक्षण के हवाले से बताया की छोटी-मोटी दूकान, सिलाई – कढाई, मेकेनिकी, विनिर्माण व् सेवा गतिविधियों से जुडी लगभग 5-77 लघु इकाइयां देश में कार्यरत है तथा लगभग 12 करोड़ लोग इनमें संलग्न है. ऐसे ‘नोन कॉर्पोरेट स्मॉल बिजनेस सेक्टर’ की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना फोकस करेगी. ‘To Fund the Unfunded’ इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री मोदी ने बताया है.

सार्वभौमिक स्वर्ण बांड व् स्वर्ण मौद्रिकरण योजना 

विदेशी से स्वर्ण के आयत में कमी लाने तथा देश में घरों एवं संस्थानों में निष्क्रिय पड़े हजारों तन स्वर्ण के उत्पादक कारों में इस्तेमाल के लिए दो स्वर्ण योजनाओं को लाने के इरादे की घोषणा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015-16 का बजट प्रस्तुत करते समय अपने बजट भाषण में की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस योजना को ओपचारिक तौर पर 5 नवम्बर, 2015 को जारी कर दिया गया. इससे सार्भौमिक स्वर्ण बांड (Sovereign Gold Bond – SGB) योजना व् संशोधित स्वरण मौद्रीकरण योजनाओं को शुरू करने को मार्ग प्रशस्त हो गया. सार्भौमिक स्वर्ण बांड योजना के तहत भारत सरकार की और से किए जाएंगे. सार्वभौमिक गारंटी वाले ये बांड ग्राम आधारित स्वर्ण के वजन (Denominated in Grams of Gold) में निरुपित होंगे तथा केवल निवासी भारतीयों (Resident Indians) द्वारा नकद भुगतान द्वारा यह ख़रीदे जा सकेंगे. न्यूनतम 5 से 7 वर्ष की अवधि वाले in बांड्स पर देय ब्याज की दर सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी. ब्याज की गाड़ना निवेश के समय सोने के मूल्य के आधार पर की जाएगी . यह बांड डीमेट व् कागज दोनों ही रूपों में जरी किए जाएँगे.

सार्वभौमिक स्वर्ण सरकार के सार्वभौमिक उधार का अंश होंगे, अत: इनकी बिक्री तक सिमित रहेगी. किसी एक व्यक्ति को बेचे जाने वाले बांड्स की अधिकतम सीमा एक समुचित स्तर पर राखी जाएगी, जो प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 500 ग्राम से अधिक नहीं होगी. भारत सरकार ने इन बांडों पर 2.75 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर का निर्धारण किया है. जो प्रत्येक छमाही पर देय होगी. बांडों की अवधि 8 वर्ष है. 5 वर्ष की अवधि पूरी होने पर योजना से बहार आ या जा सकता है, न्यूनतम निवेश दो इकाई है. निवेशकों द्वारा इन बांड्स का इस्तेमाल ऋण प्राप्त करने के लिए कोलेटरल सिक्युरिटी के रूप में किया जा सकेगा , जिससे निवेशक अपनी इच्छा से इस बाजार से बहार निकल सकेंगे. एसजीबी (सार्वभौमिक गोल्ड बांड) की बिक्री से प्राप्त राशि का इस्तेमाल अपनी उधारियों के रूप में सरकार द्वारा किया जा सकेगा तथा इस उद्धारी पर बचाई गई ब्याज नए सर्जित किए जाने वाले स्वर्ण भण्डार निधि (Gold Reserve Fund) में जमा की जाएगी . इस निधि का उपयोग स्वर्ण के मूल्य में होने वाले उतारचढ़ाव के जोखिम से निपटने के लिए किया जाएगा.

संशोधित स्वर्ण जमा योजना (GDS) के तहत न्यूनतम 30 ग्राम सोना (सिक्के या स्वर्णाभूषण आदि किसी भी रूप में) अल्पावधि (एक से तीन वर्ष) मध्यावधि (5 से 7 वर्ष) या दीर्घावधि (12 से 15 वर्ष) के लिए जमा कराया जा सकेगा, जो मान्यता प्राप्त शुद्धता जांच केन्द्रों द्वारा शुद्धता जांच के पश्चात बांको के माध्यम से शोधकों (Refiners) के गोदामों में रहेगा. छोटी अवधि के लिए जमा स्वर्ण पर ब्याज की दर बैंक द्वारा निर्धारित की जाएगी, जबकि मध्यकालीन व् दीर्घकालीन जमाओं पर ब्याज दर सरकार द्वारा रिज़र्व बैंक की सलाह से निर्धारित की जाएगी तथा यह रुपए में देय होगी, जो जमा किए गए स्वर्ण के मूल्य पर आधारित होगी, छोटी अवधि की जमा व् उस पर अर्जित ब्याज की वापसी नकदी या स्वर के रूप में प्राप्त करने का विकल्प जमाकर्ता के पास उपलब्ध रहेगा. संशोधित जीडीएस के तहत जमाकर्ताओं को वही कर छुट प्रदान की जाएगी , जो जीडीएस के तहत उपलब्ध रही है, इस योजना के तहत एकत्र किए गए स्वर्ण को संशोधित स्वर्ण धातु ऋण योजना (Gold Metal Loan – GML Scheme) के तहत सुनारों को उधार दिया जाएगा. बैंकों द्वारा ऋण स्वीकृत किए जाने के पश्चात सुनार शोधकों (Refiners) से यह स्वर्ण प्राप्त कर सकेंगे. जीएमएल पर ब्याज की दर बैंकों द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तय की जाएगी. जीएमएल की अवधि वर्तमान में 180 दिन है. इस अवधि की समीक्षा की जाएगी तथा यदि आवश्यक होगा, तो इसमें समुचित संशोधन किया जाएगा. इस दो योजनाओं के साथ ही दो अन्य योजनाएं भी प्रारम्भ की – स्वर्ण सिक्के योजना (Gold Coin Scheme) तथा स्वर्ण बुलियन योजना. स्वर्ण सिक्के योजना के तहत 5 ग्राम एवं 10 ग्राम भारत के शुद्ध सोने के सिक्के जारी किए जा रही है. 20 ग्राम वजन की स्वर्ण छड भी बिक्री के लिए उपलब्ध है. सोने के सिक्कों पर अशोक चक्र का चिन्ह है.

 
 
 

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